आन्दोलन की राह पर सचिव संघ

Uncategorized

सी ई ओ और पी सी ओ से प्रताड़ित सचिव संघ

           

उमरिया 06 सितम्बर – जिले के करकेली जनपद के पंचायत सचिव और रोजगार सहायक मुख्य कार्यपालन अधिकारी और पंचायत समन्वयक अधिकारी से प्रताड़ित होकर आन्दोलन की राह पर उतर पड़े, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद करकेली, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत और जिला पंचायत अध्यक्ष को अपना ज्ञापन सौंप कर न्याय की मांग किये | सभी ने कहा इनकी समस्याओं का निराकरण किया जाएगा |

उमरिया जिले के करकेली जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आर के मंडावी कई सालों से यहाँ राजनैतिक लाभ लेकर जमे हैं और अनियमितता के आरोप में निलंबित पंचायत समन्वयक अधिकारी राम लखन साकेत को भी बहाल करवा कर सी ई ओ करकेली अपने पास रखे हैं और दोनों मिल कर पूरे जनपद करकेली के सचिवों और रोजगार सहायकों को परेशान करके रखे हैं जिसके चलते आज सभी 107 पंचायतों के सचिव और रोजगार सहायक बैठक का बहिष्कार कर आन्दोलन की राह पकड़ लिए | इतना ही नहीं पी सी ओ और सी ई ओ मिलकर पंचायत सचिवों के ऊपर दबाब बना कर 3500 रुपये की बायोमीट्रिक मशीन को पंचायत में 11 से 12 हजार रुपये में सप्लाई करवा रहे हैं |

इस मामले में सचिव संघ के जिला सचिव विनोद द्विवेदी बताये कि वेतन का भुगतान समय सीमा में करना, जिनका एरियर्स लंबित हैं उनको देना और काम का जो दबाब है शासन से उसकी डेड लाईन बची होने के बाद भी हमारे साथियों का वेतन काटा जाता है जिससे उनके ऊपर आर्थिक बोझ भी होता है वो लोग समय सीमा पर काम भी करते हैं उसके बाद भी उनका वेतन कटौती हो जाता है इन सभी बातों को लेकर हम लोगों ने मांग किया है कि जो वेतन कटौती हुई है और काम भी पूरे हो चुके हैं वह राशी हमारे साथियों को वापस दिलाई जाय, 5 तारीख तक बजट होने के बाद भी वेतन नहीं मिलता है तो हमको समय पर वेतन दे दिया जाय यही सब समस्याए हैं जो कि जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी चाहे तो तत्काल निराकृत हो सकती हैं | वहीँ सचिव आरती सिंह बताईं कि ये बायोमैट्रिक मशीन है जो ग्राम पंचायतों में सुबह साढ़े दस बज से लेकर शाम को साढे पांच बजे तक, हम लोग फील्ड के कर्मचारी हैं ऐसा तो हो नहीं सकता है कि हम लोग सुबह साढ़े 10 बजे ही जाएँ कहीं सुबह 8 बजे भी जाना पड़ता है, हमको हर विभाग का काम दे दिया जाता है, जैसे राजस्व का, खाद्य शाखा का, हम लोग उससे ज्यादा काम कर रहे हैं और हम लोगों को समय पर पेमेंट नहीं मिल रही है | हमारे पंचायत में बायोमीट्रिक मशीन लगी है लेकिन पी सी ओ साहब द्वारा फोन लगाया गया था हमारे रोजगार सहायक को कि आप मशीन लगवा लीजिये |

इस मामले पर जब जनपद पंचायत करकेली से सी ई ओ आर के मंडावी से बात किया गया तो वो कहे कि एक सप्ताह का समय है उसमें एक सप्ताह में उसका निराकरण कर दिया जाएगा वहीँ बायोमैट्रिक मशीन के बारे में जब पूंछा गया तो हकलाते हुए कहे कि नहीं 38 सौ 40 सौ नहीं वो लोग खुद ही पेमेंट कर रहे हैं ग्राम पंचायत वाले और देख लें जो उसका पेमेंट बनता है वाजिब पेमेंट कर दें वो लोग जहाँ ज्यादा बिल की बात आई तो कहे कि हमारे आदेश पर नहीं हो रहा है ये कलेक्टर के आदेश पर हो रहा है | अब अपनी गलती छिपाने के लिए कलेक्टर का  भी नाम लेने से नहीं चूक रहे हैं हम आपको बता दें 107 पंचायतों में प्रति मशीन 8 हजार रुपये ज्यादा लिया जा रहा है जो कि सीधे सी ई ओ की सेटिंग का मिलेगा इस तरह से साढ़े 8 लाख रुपये का कमीशन लेने की तैयारी हो गई है और उसमें सचिव और रोजगार सहायक के गले में फंदा पडेगा |

वहीँ करकेली जनपद के सभी पीड़ित सचिव और रोजगार सहायक अपनी फ़रियाद लेकर सी ई ओ जिला पंचायत के पास गए तो वहां घंटो इंतज़ार करते रहे लेकिन उमरिया जिले में प्रभारी सी ई ओ जिला पंचायत प्रशासनिक कार्य के लिए सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग को बनाया गया है और वित्तीय अधिकार का प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी को बनाया गया है जो कि दोनों इस पद के योग्य नहीं है फिर भी काफी मशक्कत के बाद जिला शिक्षा अधिकारी उमेश धुर्वे आये और ज्ञापन लिए और कहे कि जो सक्षम अधिकारी हैं उनको बताया जाएगा और इनकी समस्या सुलझाई जायेगी वहीँ सचिव संघ ने अपनी फरियाद जिला पंचायत अध्यक्ष ज्ञानवती सिंह को भी सुनाई तो उनने कहा कि ये करकेली जनपद का मसला है सचिव और रोजगार सहायक उनके कार्य प्रणाली से दुखी हैं और उनका कहना है कि हमसे नाजायज ढंग से काम लिया जाता है और प्रताड़ित किया जाता है, हम इसकी जांच करवाएंगे और इनकी जो उचित मांग है उसको हम पूरी निष्ठा के साथ हम उन के साथ हैं और सभी हमारे कर्मचारी हैं जनता के बीच रहते हैं काम करते हैं और उन की समस्या का निराकरण करने का प्रयास करेंगे |

गौरतलब है कि करकेली जनपद में वर्षों से जड़ जमाये बैठे सी ई ओ निरंकुश हो चुके हैं और वहीँ उनके ख़ास चहेते पी सी ओ भी तरह – तरह से सचिव और रोजगार सहायकों का शोषण करने में लगे हैं ऐसे में दोनों की उच्च स्तरीय जांच कर कार्यवाई कराने की आवश्यकता है ताकि ग्रामीणों को और कर्मचारियों को राहत मिल सके |

                                

                                                

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *