आरक्षक की संदिग्ध मौत

राज्य

 

उमरिया 7 जून – पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय उमरिया में प्रशिक्षणार्थी आरक्षक की हुई मौत | परिजनों ने कहा गरमी और लू लगने से हुई मौत वहीँ एस पी पी टी एस कहे कि बीमारियों से पीड़ित था जिसके कारण हुई मौत, पोस्ट मार्टम के बाद जांच पर चलेगा पता, मर्ग कायम करवा दिया गया है | वहीँ एक आरक्षक के ऊपर पंखा भी गिरा जिससे घायल हो गया उसको भी इंदौर ईलाज के लिए भेज दिया गया |

पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय उमरिया में आया  प्रशिक्षणार्थी आरक्षक आकाश प्रताप सिंह छतरपुर जिले का रहने वाला था इसकी पदस्थापना पन्ना जिले में हुई थी इसने ट्रेनिंग के लिए 3 जून को उमरिया जिला पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय में आमद दिया और आज 7 जून को इनकी मौत हो गयी, परिजनों का कहना है की हमे टी आई साहब ने कल फ़ोन करके बताया की इनके मुह से ब्लड आ रहा है जिसके बाद मृतक के परिजन यहाँ आये और उन्हें कटनी अस्पताल ले कर गये जहाँ से डाक्टर ने उन्हें जबलपुर रेफर कर दिया जहाँ उनकी मृत्यु हो गयी, मृतक के भाई के मित्र अंकित सोनी का कहना है कि डॉक्टर द्वारा बताया गया है की इनकी मृत्यु गर्मी के कारण और लू लगने की बजह से हुई है|

जहाँ एक तरफ परिजन का कहना है की इनकी मौत लू लगने से हुई है वही पी टी एस के एस.पी. मुकेश वैश्य का कहना है की 3 जून को रात में 8.30 बजे इसने आमद दिया है और हमे पता लगा है की 6 जून से इसकी तबियत सही नही थी जिसके बाद हमने इसे जिला अस्पताल में भर्ती करवाया और वहां से इसे हायर सेण्टर रेफर किया गया तो इसको कटनी ऍम. जी. ऍम. अस्पताल में एडमिट करवाया गया और वहा इसका उपचार किया गया वहां भी इसको आराम न होने पर इसे जबलपुर मेडिकल कालेज रिफर किया गया लेकिन वहां जगह न होने के कारण इसे मेट्रो हॉस्पिटल जबलपुर में ले जाया गया और वह पहुचने के बाद लगभग 4.20 पर इसकी मौत हो गयी इसके बाद मृतक का पी.एम करवा लिया गया है यह जानकारी प्राप्त हुई है की मृतक को कोई पुरानी  बीमारी जैसे टीवी थी और उन्होंने कहा की ये जांच का विषय है और हम इसकी जांच कर रहे है वहीँ जब  पूंछा गया की अगर पुरानी बीमारी थी तो जिस सेंटर में वो पदस्थ था तो क्या वहां से बिना मेडिकल फिटनेस भेज दिया गया और यदि ऐसा था तो यहाँ कैसे ले लिया गया तो इनका कहना है की उनका मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट आया था जिसमे सब ठीक था हमने अबलोकन करने के बाद आमद दी थी लेकिन कहाँ क्या विसंगति हुई है कहाँ क्या गड़बड़ी है ये सब जांच का विषय है और हम जांच करेंगे और हमने पुलिस को भी सूचना देकर मर्ग कायम करवा दिया और पी एम हो रहा है उससे कुछ परिणाम जरुर   निकलेगा | वहीँ एक प्रशिक्षणार्थी के ऊपर सीलिंग फैन गिरने की भी घटना प्रकाश में आई तो उसके बारे में कहे कि बच्चे के ऊपर तो नहीं गिरा है उसके पैर के आस पास गिरा है कोई ख़ास चोट नहीं है उपचार के लिए भेजा है अभी ठीक है |

गौरतलब है कि पी टी एस में प्रशिक्षण के लिए आये आरक्षक सामने न आते हुए कहे कि हम लोगों को दोपहर में इस भीषण गर्मी में मैदान के 10 से 15 चक्कर लगवाए गए हैं जिसके कारण हमारे साथी की मौत हुई है वहीँ सबसे ख़ास बात यह है कि जब आकाश प्रताप सिंह की मौत जबलपुर में तो पोस्ट मार्टम कटनी में क्यों करवाया गया और मैट्रो अस्पताल ने जबलपुर पुलिस को सूचना क्यों नहीं दिया, वहीँ अगर एस पी साहब की मानें तो जब आरक्षक गंभीर बीमारी से पीड़ित था तो पी टी एस में आमद क्यों लिया गया और उसको मैदान में दोपहर में क्यों दौडाया गया | ऐसे में तो इस मामले की न्यायिक जांच होनी चाहिए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके और मृतक के परिजनों को न्याय मिल सके | वहीँ पंखा गिरने से घायल आरक्षक को ईलाज के लिए इंदौर भेजना भी समझ से परे है |

 

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