पिता की गुहार “भगवान अगले जन्म में मोहे बेटी न दीजो”

प्रदेश

एक विधायक की बागी बेटी की ये दास्तां अब देश में काफी तेजी से वायरल हो रही है। जिसका पूरा मजा ले रहा है।  मिडिया।  जो मात्र अपनी टीआपपी को बढ़ाने के चक्कर में एक बेटी के पिता को बड़े ही खतनायक  रूप में पेश कर रहा है।अब सवाल ये उठता है क्या मिडिया भी इस तरह की हरकतो को अपने घर में होते हुए देख सकता है। क्योकि इस तरह के अधिकार तो हर लड़कियों के लिये लागू होते है। मैं समाज या मिडिया से पूछना चाहती हूं कि लड़की को पैदा करके उसके अच्छे बुरे के बारे में सोचना एक बाप का अधिकार नही है? क्योकि समाज के लोग ही दो मुहें सांप की तरह सवाल करके पिता की इच्छाओं का गला घोटकर तामाशा देखते है।

जब बाप अपनी बेटी को बड़े ही नाजों से पाल पोसकर बढ़ा करता है और वही लड़की बालिग होने के बाद  बाप के मुंह में तामाचा मार कर कटघरे में खड़ा कर देती है इस तरह का प्रदर्शन कर अपने आप को बचाने के लिये पिता को दुश्मन बना देती है।

भले ही आज समाज या मिडिया उस लड़की प्रति अपनी पूरी हमदर्दी दिखा रहा हो पर एक बार लोग उस पिता की भी मजबूरियो को भी तो समझों। कि आखिर क्यो नही करना चाह रहा था एक पिता अपनी बेटी साक्षी की शादी उस लड़के से..

जानें पूरा ममला

उत्तर प्रदेश  बरेली से बीजेपी विधायक राजेश मिश्रा की बेटी साक्षी मिश्रा हैं जिसने एक दलित युवक अजितेश से शादी कर ली है साक्षी की इस शादी की इस चर्चा जितनी तेजी से वायरल हो रही है उतने ही तेजी से अब इस लड़के के खुलासे भी सुनने को मिल रहे है।

अभी हाल ही में साक्षी मिश्रा के पति बने अजितेश कुमार की दूसरी लड़की से सगाई की तस्वीरे भी  वायरल हो रही है। अजितेश कुमार की सगाई भोपाल की एक लड़की से पहले ही हो चुकी है। और शादी की 9 दिसंबर को भी तय की गई थी  पहली शादी की ये सभी तैयारिया अजितेश कुमार की मर्जी से ही हो रही थी।

अजितेश कुमार की इस सगाई में 7,00,000 रुपये से ज्यादा  का खर्चा लड़की के पिता ने उठाया था। इसके बाद भी पैसों की कहासुनी को लेकर अजितेश कुमार नें इस रिश्ते से भी मुंह मोड़ लिया। अब लड़की का पिता लोगों से गुहार लगाता फिर रहा है कि सगाई में लाखों रुपए खर्च किए गए। उसकी भरपाई कौन करेगा? समाज में सगाई टूटने से बदनामी भी काफी हुई।

अब समाज या मिडिया बताये, कि यदि इसके बाद भी एक पिता अपनी बेटी को भटकने से बचाने के लिये कोई कठोर कदम उठा रहा है तो लोग एक पिता को किस प्रकार से दोषी ठहरा सकते है यहां सवाल साक्षी मिश्रा जैसी लड़कियों का नही है। क्योकि साक्षी नें जिस लड़के को अपना जीवन साथी बनाया है वो पहले से ही किसी दूसरी लड़की के साथ बड़ी खुशी के साथ सगाई कर चुका है। और यह सगाई भी उसकी पूरी रजामंदी के साथ हुई है जिसे आप तस्वीरों से देखकर अंदाजा भी लगा सकते है।

और किस तरह से साबित होता है कि यह धोखेबाज लड़का साक्षी को पूरे जीवन खुश रख सकता है। चार दिन के प्यार में माता पिता का 20 साल का प्यार भूलकर उस पिता के सिर पर कीचड़ उछाल दिया जिसने हाथ पकड़ कर चलना सिखाया , पाला पोसा, आज उस पिता पर क्या बीत रही होगी। भगवान ऐसी बेटी या बेटा किसी को न दे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *