धारा 370 को लेकर भाजपा ने किया प्रेस कॉन्फ्रेंस – सुरेन्द्र त्रिपाठी

राज्य

उमरिया 14 अगस्त – जिले में भाजपा ने प्रेस कांफ्रेंस कर केंद्र सरकार द्वारा धारा 370 हटाये जाने का फायदा बताते हुए कहे कि धारा 370 एक राष्ट्रीय समस्या थी जिसके हटाने से आतंकवाद पर लगाम लगेगा और वहां का विकास होगा, बेरोजगारी दूर होगी

उमरिया जिला मुख्यालय स्थित विनायक टाउन भाजपा कार्यालय में भाजपा द्वारा प्रेस कांफ्रेंस कर भाजपा परेश कार्यकारणी सदस्य मिथलेश प्रसाद मिश्रा बताये कि धारा 370 एक राष्ट्रीय समस्या थी 1947 में जब देश आजाद हुआ तब यहाँ 547 रियासतें थी जिनमें एक जम्मू काश्मीर भी थी, जम्मू काश्मीर में धारा 370 और 35 ए लागू थी जिसके चलते जम्मू काश्मीर कहने को तो था भारत का अंग लेकिन वहां अलग निशान, अलग प्रधान और अलग संविधान था वहां की आवाम का जो विकास होना चाहिए था वह नहीं हो पा रहा था पैसा तो भरा पूर्र जा रहा था केंद्र सरकार से लेकिन कुछ लोगों तक सीमित रह जाता था, वहां की नागरिकता कोई नही पा सकता था और उसकी आड़ में पाकिस्तान अलगाववाद और आतंकवाद का जहर बो रहा था धारा 370 समाप्त होने से जम्मू काश्मीर भारत का अभिन्न अंग बना, जमू काश्मीर के अन्दर जो विकास की अपार संभावनाएं हैं वहां का विकास होगा, हिंदुस्तान का संविधान, क़ानून पूरी तरह से लागू होगा इसलिए धारा 370 और 35 ए  समाप्त की गई |

वहीँ कहे कि इसको पहले भी हटाया जा सकता था संविधान में कोई प्रावधान नहीं था, ये तो जो शेख अब्दुल्ला था उसके चक्कर में देश केर प्रधान मंत्री जी ने उनको अस्थाई दिया कि कुछ दिनों के लिए धारा 370 दी रही है और कालांतर में ये घिस – घिस कर समाप्त हो जायेगी ये शब्द थे देश के प्रधान मंत्री की, इसको पूर्ववर्ती सरकारों को समाप्त कर देना चाहिए था लेकिन वोट बैंक के चक्कर में उनने ऐसा साहस नहीं किया वहीँ कहे कि पकिस्तान की यह छटपटाहट है, पकिस्तान तो आज पूरे विश्व में बेनकाब हो सकता है, आतंकवाद और अलगाववाद का जो अड्डा बना हुआ था और वो जम्मू काश्मीर में अलगाववाद और नक्सलवाद पैदा कर रहा था आतंकवाद पैदा कर रहा था अब धारा 370 समाप्त होने के बाद वो सब नहीं कर पायेगा इसलिए वो छटपटा रहा है यू एन ए मना कर दिया चीन उसका साथ नहीं दे रहा है, अमेरिका उसको लताड़ दिया, यह तो पाकिस्तान की चाल थी |

वहीँ जमू काश्मीर के विकास के बारे में कहे कि वहां का विकास द्रुत गति से होगा, वहां पर्यटन की अपार संभावनाएं थीं, जम्मू काश्मीर हमारे देश का शिरमौर्य था, मुकुट था और जबसे अलगाववाद, आतंकवाद वहां पनपा तो लोग वहां से जाने लगे अब वहां पर निवेश बढेगा, वहां जो पैसा जा रहा था अब सीमित परिवारों में खर्च नहीं होगा, वो आवाम में खर्च होगा, जनता में खर्च होगा, वहां जाकर लोग निवेश करेंगे, वहां उद्योग लगेंगे, वहां के नौजवानों को रोजी – रोटी मिलेगी, लोगों को नौकरियाँ मिलेंगी और जो बेरोजगारी है वह दूर होगी, वहां की सुन्दरता और प्राकतिक सौन्दर्य समाप्त न हो इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा क्योंकि वह पर्यटन स्थल है |

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