हौसला: बिना हाथों वाली महिला की ताकत बने पैर, अब उड़ाती हैं विमान, स्कूबा डाइविंग में भी एक्सपर्ट

विदेश

शरीर में यदि किसी एक अंग भंग हो जाये, तो मानों जीवन अधुरा सा लगने लगता है। फिर यदि दोनों हाथ ही ना हो तो जिदंगी से लोग हार मान जाते है। लेकिन अमेरिका की जेसिका कॉक्स नामक यह महिला नें इस बात को गलत साबित करके वो कर दिखाया, जो हाथ वाले लोग भी नही कर सकते थे। यह कोई साधारण महिला नहीं हैं। जन्म से हाथ न होने के बावजूद वे कई ऐसी चीजों में माहिर हैं, जिसके बारे में सामान्य लोग भी नहीं सीख सकते। खास बात यह है कि दोनों हाथ ना होने के बावजूद भी यह विमान तक उड़ा सकती हैं।

जेसिका की मां इनेज ने इस बेटी को जन्म देने के बाद हाथ ना होने की जानकारी मिलते ही उसे एक बेहतर जिंदगी देने का फैसला किया। उसे कभी भी जाहिर नहीं होने दिया कि हाथ ना होना उसकी सबसे बड़ी कमजोरी है। उसे हर वो काम करने के लिये प्रोत्साहित किया जो समान्य लोग करते रहे है। इसलिये आज जेसिका अपनी हिम्मत और मजबूती का श्रेय अपने माता-पिता को देती हैं।

हिम्मत से पूरे किए सभी सपने

जैसे जैसे जेसिका बड़ी होने लगी। उनकी दिक्कते और बढ़ने लगी। भले ही उनके पास के प्रोस्थेटिक हाथों को लगाने का एक विकल्प भी था लेकिन इसका उपयोग करने से उन्होनें इनकार कर दिया और पैरों से ही सारी कलाएं सीखने की हिम्मत दिखाई। कॉलेज में रहते हुए उन्होंने टैप डांस (पैरों की धमक से किया जाने वाला डांस), स्वीमिंग और मॉडलिंग सीखी। इसके बाद ताइक्वांडो में थर्ड डिग्री ब्लैक बेल्ट हासिल किया। स्कूबा डाइविंग में भी जेसिका के पास सर्टिफाइड डाइवर का तमगा है। वे अब तक मोटिवेशनल स्पीकर के तौर पर 20 से ज्यादा देशों का दौरा कर चुकी हैं।

आसान नहीं था ट्रेन्ड पायलट के तौर पर प्लेन उड़ाना

जेसिका को प्लेन उड़ाने की हिम्मत एक पायलट से ही मिली थी। उनके मुताबिक, “बचपन में मैं जब भी विमान में सवार होती थी तब भगवान से सही सलामत रहने की दुआ करती थी। लेकिन एक बार एक पायलट ने मुझे डरते देख कॉकपिट में बुला लिया। उसने मुझे साथ में बैठाया और मुझे प्लेन उड़ाने के लिए कहा इस वाकये के बाद उन्हें पहली बार प्लेन उड़ाने का ख्याल आया।।”

2005 में यूनिवर्सिटी ऑफ एरिजोना से ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने पायलट की ट्रेनिंग शुरू की, लेकिन यह बिल्कुल आसान नहीं था। ट्रेनरों को काफी मुश्किल हुई। आखिरकार 2008 में जेसिका एक ट्रेन्ड पायलट के तौर पर तैयार हो गईं। फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन ने उन्हें लाइट स्पोर्ट्स एयरक्राफ्ट उड़ाने की अनुमति दी।

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