भ्रष्टाचार के खिलाफ ग्रामीण आमरण अनशन पर

Uncategorized

पंचायत के खिलाफ आमरण अनशन पर ग्रामीण

               

उमरिया 02 सितम्बर – जिले एवं पंचायतों में चल रहे भ्रष्टाचार से परेशान ग्राम पंचायत असोढ के नागरिक बैठे आमरण अनशन पर, ग्रामीण एवं कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने सी ई ओ जिला पंचायत पर ढाई लाख रुपये लेने और जातिगत अपमानित करने का लगाये आरोप | पंचायत में सरपंच और रोजगार सहायक मिल कर किये भारी भ्रष्टाचार, विपक्ष की भूमिका में स्वयं सत्ता पक्ष और विपक्ष गहरी नीद में |

उमरिया जिले के मानपुर जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत असोढ में भारी भ्रष्टाचार, बिना काम किये ही राशि आहरण कर मालामाल हो रहे हैं सरपंच सचिव और रोजगार सहायक | वहीँ सी ई ओ जनपद पंचायत और सी ई ओ जिला पंचायत भी भ्रष्टाचार में आकंठ डूबे हैं, लगातार ढाई साल से शिकायत करने के बाद भी नही हो रही है सुनवाई पिछली सरकार में जितना भ्रष्टाचार हुआ है उससे ज्यादा भ्रष्टाचार कांग्रेस सरकार में होना शुरू हो गया है | इस मामले में अनशन पर बैठे अजय बर्मन बताये कि सी सी रोड बनाया नहीं गया है और उसका पैसा आहरण कर लिया गया है, वृक्षारोपण के नाम पर 5 लाख रूपया निकाल लिया गया और एक भी पोधे नहीं लगाये गए तालाब विस्तारीकरण के नाम पर 10 – 20 मजदूरों से मिट्टी छिलवा कर पूरा पैसा आहरण कर लिया गया, लघु तालाब के नाम पर औपचारिकता निभा कर 5 लाख रुपये का आहरण कर लिया गया, जितने भी काम किये हैं सभी फर्जी कर अपने निजी लोगों और रिश्तेदारों के नाम पर मस्टर भर कर पैसा आहरण कर लिया गया है, खेल मैदान का 5 लाख रुपये बिना काम करवाए निकाल लिया गया, ढाई साल से लगातार शिकायत करने पर जिला पंचायत सी ई ओ पावती दे देते हैं और कोई कार्यवाई नहीं होती है यहाँ पी सी ओ, सी ई ओ और जो भी अधिकारी आते हैं सभी सरपंच के घर में खाते और सोते हैं फिर चल देते हैं किसी को पता ही नहीं चलता है, वहीँ कहे की जब तक हम लोगों को न्याय नहीं मिलेगा तब तक लगातार बैठे रहेंगे हमारी मांग पूरा किया जाय सरपंच को निलंबित करें, उन पर ऍफ़ आई आर करें, रोजगार सहायक को पद से हटायें ऍफ़ आई आर करें |

वहीँ दुसरे अनशनकर्ता पुरुषोत्तम दास कोल का कहना है कि आराजी खसरा नंबर 1248/1 जमीन 11 एकड कुछ डिसमिल है उसमें हम आदिवासी 15 परिवार के लोग जमीन छेके हैं हमारा लोगों का कब्जा है वहीँ घर भी बनाये हुए हैं और रोजगार सहायक मुकेश बर्मन, सरपंच राम खेलावन पटेल और एक ईंटमाँ के निवासी पटेल हैं राजू पिता लालमन हैं ये लोग सन 2016 – 17 में अवैध पट्टा बनवाए हैं जबकि हम लोग सन 1984 से काबिज हैं हम लोग रहते हैं हम लोगों का पट्टा होना चाहिए या इन बदमाशों का होना चाहिए, इसलिए हम लोग बैठे हैं यदि सही न्याय नहीं होता है, इन लोगों का पट्टा निरस्त कर जितने आदिवासी भाई लोग काबिज हैं उनको पट्टा दिया जाय, इसी मांग को लेकर हम लोग बैठे हैं यदि हमारी मांग पूरी नहीं होती है तो हम जान दे देंगे लेकिन हटेंगे नहीं |

अब ज़रा देखें बाबू लाल कोल क्या कहते हैं, इनका कहना है कि जब हम पंचायत तरफ गए तो वहां सरपंच राम खेलावन पटेल और रोजगार सहायक मुकेश एवं कई लोग थे जिसके सामने सरपंच कह रहा था कि हम तो सी ई ओ जिला पंचायत को ढाई लाख रुपया दिए हैं हमारा क्या होगा ये लोग एक नहीं दस दिन हड़ताल पर बैठे रहें कुछ नहीं होगा इसलिए हमारा अनुरोध है कि यहाँ की जांच जिला पंचायत और जनपद पंचायत सी ई ओ के द्वारा न कराई जाय |

अब ज़रा गाँव वाले पीडितो की भी सुन लें, सबसे पहले विधवा महिला कुसुम बाई बताती है कि मेरे पति रेलवे में ख़त्म हो गए थे और सरपंच सचिव 10 हजार रुपया माँ माँगते हैं, मैं नहीं दी तो मेरा काम नहीं हुआ | अब दूसरे विकलांग बद्री प्रसाद पटेल कहते हैं कि मेरे शौचालय का पैसा निकाल लिए हैं और मेरा शौचालय आज तक नहीं बन पाया है, मुकेश और सरपंच निकाले हैं और आज – कल कर रहे हैं मैं अपाहिज आदमी हूँ क्या करूं | अब तीसरे कंधी कोल कहते हैं कि मेरा पी एम आवास तो किसी तरह बन गया सचिव मुकेश 10 हजार रुपया लिया था और मेरे मजदूरी का पैसा नहीं मिला है अब वो लोग कहते हैं कि तुम्हारा पैसा मिल गया है जबकि मेरे को एक भी पैसा नहीं मिला है | वहीँ पीड़ित पुरुषोत्तम का कहना है कि मैं 3 हजार रुपया घूंस भी दिया हूँ लेकिन मेरे आवास का पैसा नहीं मिला है | वहीँ जोला कोल का कहना है कि आवास का पैसा नहीं मिला है 6 हजार रुपये, कहते हैं कि तुम्हारे खाते में पूरा पैसा आ गया है बैंक वाले पास बुक देख कर कहते हैं तुम्हारा पैसा निकल गया है हम पैसा नहीं पाए हैं |

मौके पर आई जनपद पंचायत मानपुर की बी डी ओ दीक्षा जैन का कहना है कि अभी जांच के नहीं आई हूँ इनकी बात सुनने आई हूँ इनके लिए जिला स्तरीय कमेटी गठित हो रही है, जांच के बाद अगर उनकी मांगे उचित होगी तो उनको पूरा किया जाएगा, वहीँ जब उनसे पूंछा गया कि पूर्व में भी जांच की जा चुकी है उसमें क्या हुआ तो कहीं कि उसकी जानकारी नहीं है, इन लोगों ने कुछ मामले बताये हैं कि आवास की जांच हैं, रोड की जांच है तो उसकी जांच करवाई जा रही है वहीँ कहीं कि हमने इन लोगों से निवेदन किया है कि आप इस माध्यम को रोक दें आपकी आवाज़ शासन तक पहुँच गई है और एक सहायक की भूमिका निभाएं |

अब ज़रा देखे राजनैतिक पार्टियों का क्या रुख है देश की सबसे बड़ी पार्टी कही जाने वाली भाजपा और मानपुर से  विधायक भी भाजपा होने के बाद कान में तेल डाल कर सो रहे हैं वैसे अगर देखा जाय तो पूर्व में मानपुर विधायक कह चुकी हैं कि मेरे क्षेत्र में कोई समस्या नहीं है और भाजपाई तो जुगाड़ में लगे रहते हैं कि कहाँ से फील गुड हो जाय उनको वैसे भी जनता की समस्या से कोई मतलब नहीं है बस चुनाव के समय में आदिवासी भाईयों को वोट डालने की मशीन समझ कर घर – घर पहुँच कर गुड की जलेबी दे देते हैं और करे भी क्यों न जब सता पक्ष खुद ही विपक्ष की भूमिका निभा रहा हो | कांग्रेस के जिला अध्यक्ष राजेश शर्मा का कहना है कि असोढ ग्राम पंचायत में बहुत भारी भ्रष्टाचार हुआ है निर्माण कार्यों में जन कल्याण की योजनाओं में, 26 तारीख से वे अनशन में बैठे दुबारा फिर वे जिला पंचायत के सी ई ओ के पास गए तो उन्होंने कार्यवाई करना तो दूर उनकी सुने तक नहीं ऊपर से उनके ऊपर आदिवासी सूचक शब्दों का इस्तेमाल करके डाट कर गाली देकर भगा दिया जिला पंचायत के सी ई ओ भ्रष्टाचारी व्यक्ति है उनका सारा ध्यान भ्रष्टाचार में रहता है, सचिवों का तबादला और मनरेगा की राशि में पैसा लेकर आवंटन करने में जुटे हैं और सरकार को बदनाम करने की सोची समझी साजिश रच रहें हैं, सी ई ओ जिला पंचायत ने सरपंच से ढाई लाख की रिश्वत लिए है और इसीलिए वो मामले को दबाने का  प्रयास कर रहें हैं सरकार बदली है और व्यवस्था भी बदल रही है इसीलिए हम कांग्रेस के जिला अध्यक्ष की हैसियत से वहां पहुचे थे और वो पूरा मामला हम परसों मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के समक्ष रखने वाले हैं हमारी मांग केवल उनको हटाने की नहीं है हमारी मांग सरकार से ये है कि उनको मध्य प्रदेश में कही भी सी ई ओ और ए डी एम जैसे महत्वपूर्ण प्रभार न सौपा जाये |

गौरतलब है कि जिले की पंचायतों में भ्रष्टाचार का बोलबाला है और कोई भी अधिकारी सुनने को तैयार नहीं है और जहां खुद कांग्रेस के जिला अध्यक्ष भ्रष्टाचारियों के खिलाफ मोर्चा खोले बैठे हैं, ऐसे में प्रदेश के मुख्य मंत्री के चुनावी घोषणा पत्र में लिखी गई बात, कि हम साफ़ सुथरी सरकार देंगें कहाँ तक प्रभावी होगी यह अंदाजा खुद ही लगाया जा सकता है |                         

                                    

                                   

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *