प्लास्टिक की गुड़िया

प्लास्टिक की गुड़िया के पैरों पर चढ़े प्लास्टर से ठीक हुई 11 महीने की बच्ची

ख़बरे हटके

आज के समय में जहां दो इंसानों के बीच की सोच व परिस्थितियों के कारण रिश्ते की डोर टूट जाती है वहीं, दिल्ली गेट स्थित लोक नायक अस्पताल में इन दिनों इंसान व पुतले के बीच एक ऐसा अनोखा रिश्ता भी देखने को मिल रहा है, जिसमें एक बच्ची के इलाज के लिए एक प्लास्टिक की गुड़िया अस्पताल के पलंग तक जा पहुंची। पैर में फ्रैक्चर के कारण भर्ती 11 महीने की बच्ची (जिक्रा) का इलाज कराने के लिए इसकी गुड़िया परी भी बिस्तर पर रहकर पिछले 13 दिनों से इसका पूरा साथ दे रही है।

पुरानी दिल्ली के दिल्ली गेट इलाके के गली कुम्हार वाली इलाके में रहने वाले जिक्रा के पिता मो. शहजाद मलिक ने बताया कि करीब 13 दिन पहले रात के समय सोते हुए उनकी बेटी जिक्रा अचानक पलंग से गिर गई थी। जिससे उसके पैर में गंभीर चोटे आई। बेटी की ऐसी हालत देख उसे लेकर तुरंत अस्पताल के लिए दौड़े। यहां आकर जब डॉक्टरों ने बेटी का एक्स रे किया तो बाएं पैर में फ्रैक्चर की बात सामने आई। जिसके बाद बेटी को भर्ती करने को कहा गया।

ट्रैक्शन लोड के जरिए किया जा रहा इलाज

बच्ची के पैर में फ्रैक्चर की बात सामने आने बाद डॉक्टरों ने बच्ची का इलाज ट्रैक्शन लोड के जरिए करने को कहा। ट्रैक्शन लोड में चोटिल बच्चे के पैर को लोड के जरिए ऊपर बांध दिया जाता है। जिससे फैक्चर हड्डी सीधी होकर ठीक की जा सके। लेकिन बच्ची इस प्रक्रिया से घबराकर बहुत हिल डुल रही थी। इस कारण डॉक्टरों के लिए भी बच्ची का इलाज करना चुनौती था। क्योंकि, खेल कूदने वाली बच्ची बिस्तर पर लेटकर दर्द के कारण कराह रही थी।

पैर में पट्टी तक बांधने नहीं दे रही थी बच्ची

हलात ये थे कि डॉक्टरों द्वारा बच्ची के पैरों में पट्टी बांधना मुश्किल हे रहा था। बच्ची की ऐसी हालत देख उसकी मां फरीन मलिक को नानी द्वारा दी गई डॉल के बारे में ध्यान आया। जिससे जिक्रा का अधिक लगाव है। इसके बारें में डॉक्टर को जब जानकारी दी गई तो यह सुझाव उन्हें भी काफी अच्छा लगा। और उस डॉल को अस्पताल में लाने को कहा। इसके बाद पहले डॉल के पैरों में पट्टी बंधी तो उसे देख जिक्रा भी पैरों में पट्टी बंधवाने के लिए राजी हो गई है। अब आलम यह है कि जिक्रा व उसकी गुड़िया परी दोनों ही एक ही बिस्तर पर भर्ती है।

जिक्रा अब बिना रोए अपना इलाज करा रही है, और पहले से काफी बेहतर महसूस भी कर रही है। अब पूरे अस्पताल में जिक्रा गुड़िया वाली बच्ची के नाम से भी मशूहर हो चुकी है, यही कारण है कि दूसरे विभागों के डॉक्टर व अन्य स्टॉफ भी जिक्रा को देखने के लिए आ रहा है।

सीएम केजरीवाल भी इलाज के तरीके से प्रभावित


डॉक्टरों के इस इलाज की वाह-वाही अस्पताल के अलावा बाहर भी सुनने को मिल रही है जब इस बात की खबर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को लगी तो उन्होनें भी ऐसें इलाज की काफी सरहना की और अपने ट्वीट के जरिये 11 महीने की एक मासूम बच्ची जिकरा को शुभकामनाएं भी दी।

ट्विटर पर उन्होंने लिखा-“छोटी बच्ची के इलाज के लिए उनकी तरफ से शुभकामनाएं। डॉक्टर हमारी सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली की रीढ़ हैं। उनकी सेवा करने की प्रतिबद्धता को हम सलाम करते हैं।“

मुख्यमंत्री के ट्वीट के बाद लोकनायक अस्पताल के डॉक्टरों का यह इलाज चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग डॉक्टरों के इस मनोवैज्ञानिक तरीके से इलाज को सैल्यूट कर रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *