बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में हाथी ने ली महावत की जान.

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  • बांधवगढ़ टाईगर रिजर्व में घाटी एक दुखद घटना से सभी कहत हैं, ये वाकया खितौली रेंज का है जहां सुंदर नाम के नर हाथी ने महावत को कुचल दिया। गुरुवार सुबह ये घटना उस वक्त हुई जब सुबह की गश्त कर सुंदर हाथी अपने कैम्प लौटा था। वहां कार्यरत श्रमिक उसे बांधने के लिए पहुंचा, असहज सुंदर सुरक्षा गार्ड को सूंड़ से उठा कर पटक दिया। यह देख महावत रवि दौडा और हाथी को नियंत्रित किया। इसके बाद हाथी फिर जंगल की ओर भागा जिसे बीच रास्ते में महावत रवि ने रोकने का प्रयास किया तभी हाथी ने सूंड़ से जमीन पर गिरा दिया और हांथी के पैरों के नीचे आ जाने से उसकी मौत हो गई। इस घटना की सूचना मिलते ही डायरेक्टर विंसेंट रहीम, प्रभारी डीडी शुक्ला, मानपुर व पतौर रेंज से टीम बुलाकर हाथी को काबू किया। घटना के बाद मृतक महावत का पीएम करा कर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। 


 हाथी के स्वभाव में परिवर्तन का कारण-

हाथी के स्वभाव में परिवर्तन का कारण पार्क प्रबंधन को भले समझ नहीं आ रहा है लेकिन वन्यजीवों से जुड़े लोगों का मानना है मेल हाथी में मस्त (फीमेल हाथी के साथ सहवास काल) के दौरान इस तरह का बदलाव स्वाभाविक है। इसके अलावा जब हाथी भूख या किसी बीमारी से ग्रसित हो तो भी वह आक्रामक हो सकता है। हालांकि इस मामले में अभी तक उसके स्वाभाव का सही आकलन नहीं लग पाया है। जानकारों का कहना है कि सुंदर हाथी, हाथी महोत्सव के दौरान फुल मस्त में था, तब भी महावत व श्रमिक हाथी के साथ गश्त करते थे। बांधने से लेकर खान पान व नहाने सहित अन्य दिनचर्या के कार्य करते थे। लेकिन गुरुवार की सुबह करीब 11 बजे अचानक मेल हाथी किसी बात पर असहज हुआ । 

सुरक्षा के लिए बने अस्थाई कैम्प में तैनात हैं सुंदर व तूफान हाथी।

नर हाथी सुंदर व मादा हाथी तूफान की तैनाती खितौली रेंज के अस्थाई कैम्प में की गई। कूम्हीं कछार नामक स्थान में इनके साथ सुरक्षा श्रमिक व महावत भी रहते थे। दरअसल नजदीक के पतौर व खितौली में जंगली हाथियों की मूवमेंट रहती है। इसके अलावा बाघ भी रिहायशी इलाके में न घुसे इसके लिए हाथियों द्वारा गश्त की जाती है। सुंदर व तूफान को इसीलिए बांधगवढ़ प्रबंधन ने कूम्ही कछार के अस्थाई कैम्प में रखा था।

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