एन जी टी के निर्देशों की उड़ रही धज्जियां नहीं रुक रहा नदियों से उत्खनन

क्राइम

सुरेन्द्र त्रिपाठी

उमरिया 16 जुलाई – भले ही मध्य प्रदेश में एक जुलाई से पूर्णता रेत खनन पर रोक लगा दी गई है उसके बावजूद भी उमरिया जिले में धड़ल्ले से चल रहा है रेत का अवैध उत्खनन, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा नदियों से रेत उत्खनन पर रोक लगा दी गई है उसके बावजूद भी रेत ठेकेदार रेत का काला कारोबार बड़े स्तर पर चला रहे है उमरिया जिले के अंदर रेत का काला कारोबार दिन-दहाड़े फल फूल रहा है सबसे बड़ी बात तो यह है कि खनिज विभाग की शह पर जिले की नदियों से चैन माउंटीन मशीनों से रेत का उत्खनन एवं डंपरों और हाईवा से परिवहन जारी है वहीं स्थानीय प्रशासन की बात करें तो प्रशासन रेत माफियाओं के आगे नतमस्तक हैं। इतना ही नहीं भंडारण में रेत नही होने के बाद भी हजारों घन मीटर की टी पी भी काटी जा रही है और खनिज अधिकारी को नही मालूम है।


उमरिया जिले में आर एस आई स्टोन वर्ड प्राइवेट लिमिटेड द्वारा रेत का अवैध उत्खनन जोरों से किया जा रहा है, जिले के बल्हौण्ड, खैरभार, बसकुटा, बड़ेरी, महिमार, तखतपुर, सलैया, आदि जगहों से लगातार भारी मशीनों से उत्खनन जारी है, रेत ठेकेदार के गुंडे जगह – जगह पर बैरियर लगा कर बैठे हैं, साथ ही दिखावे के लिए 60 – 70 घन मीटर रेत अपने भंडारण में रखे हैं, जबकि 1 जुलाई से नदियों से रेत निकालना प्रतिबंधित है और ठेकेदार मात्र अपने भंडारण से रेत बेच सकते हैं लेकिन भंडारण में 5 से 7 हाईवा रेत रख कर लगभग 30 हजार घन मीटर की टी पी काट चुके हैं। जब हम इनके मानपुर के बल्हौण्ड स्थित भंडारण स्थल पर गए तो वहां थोड़ा सा रेत रखा नजर आया। इस मामले में हाईवा मालिक विनय सिंह का कहना है कि यहां 5 से 7 हाईवा मतलब 70 से 80 घन मीटर रेत है और पूरे जिले से रेत निकाल रहे हैं यहां रेत भी नही है और पूरा प्रशासन मिला हुआ है, हम खनिज अधिकारी मान सिंह को फोन लगाया तो हमारा फोन ही नही उठाते हैं, हमने कलेक्टर साहब को फोन लगाया, तीन – चार बार बताया वो कहते हैं कि हम भेज रहे हैं लेकिन कोई जाता ही नहीं है, ठेकेदार पूरे जिले में भ्रष्टाचार मचा कर रखा है, मनमानी तरीके से पैसा ले रहा है, करकेली में, महिमार में खैरभार में अपना बैरियर लगा रखे हैं,

मुंहबोला में 3 मशीन, खैरभार में 2 मशीन चल रही है, कलेक्टर साहब को हम लगातार बता रहे हैं वो ध्यान नहीं दे रहे हैं और खनिज अधिकारी तो पूरी तरह से ठेकेदार से बिक चुके हैं, यहां के नाम पर 30 हजार घन मीटर की रायल्टी काट चुके हैं और माल ज्यादा से ज्यादा 80 घन मीटर है और यहीं की टी पी से पूरे जिले से रेत बेच रहे है, वहीं कहे कि नदियों से ट्रैक्टरों के माध्यम से अपने भंडारण में रेत गिरवा रहे हैं, पूरे जिले का प्रशासन बिक चुका है, कहते हैं चाहे जहां शिकायत करो कुछ नही होने वाला है।


इस मामले में जब जिला खनिज अधिकारी मान सिंह से बात किया गया तो उनका कहना है कि हम लोग लगातार जांच कर रहे हैं, एन जी टी का आदेश है नदियों से उत्खनन बंद है कहीं मशीन नही मिल रही है, जहां तक मुंहबोला की बात है शिकायत आई है हम लोग जांच कर रहे हैं, वहीं जब आर एस आई कंपनी के भंडारण की जानकारी चाही गई तो कहे कि ये सब देखना पड़ेगा, अभी जानकारी नहीं है।


गौरतलब है कि कार्रवाई की बात तो जिले के सभी अधिकारी करते हैं लेकिन जमीनी स्तर पर कार्रवाई देखने को नहीं मिलती है सबसे बड़ी बात तो है कि पूर्णतया प्रतिबंध होने के बावजूद भी खुले आम नदियों से अवैध उत्खनन ठेकेदार द्वारा करवाया जा रहा है, जिसको देख कर लगता है कि कहीं प्रदेश से लेकर जिले तक सभी अधिकारी और नेता मंत्री इस सुनहरी रेत के काले कारोबार में शामिल तो नही हैं।

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