पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष सूदखोरी और धन हड़पने के आरोप में गया जेल

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सुरेन्द्र त्रिपाठी

उमरिया 21 जुलाई – जिले के नगर परिषद नौरोजाबाद का पूर्व अध्यक्ष और भाजपा नेता आदिवासियों का मसीहा सूदखोरी और आदिवासी का पैसा हड़पने के मामले में गया जेल।

जेल भेजते


उमरिया जिले के नगर परिषद नौरोजाबाद का पूर्व अध्यक्ष और भाजपा नेता सती लाल कोल माइंस के रिटायर्ड कर्मचारी का 16 लाख 70 हजार रुपये हड़पने और सूदखोरी के मामले में जेल भेजा गया।

जगदीश कोल

नौरोजाबाद थाने के ग्राम देवगवां कला निवासी जगदीश कोल बताया कि मैं 2019 में कोल माइंस से रिटायर हुआ था और मेरे को 40 लाख रुपये मिले थे जिसमें 20 लाख रुपये अपनी लड़की के नाम एफ डी करवा दिया था अपना खाता उमरिया स्टेट बैंक में खुलवाया था क्योंकि यहां रहने पर पहले वशिष्ठ और भुनेश्वर महराज पैसा ले लेते रहे बाद में उमरिया में खाता खुलवाया और चेक से पेमेंट लेता रहा, मैं सुरेश यादव के खाता में पैसा डलवाया तो सती लाल और सपन सेन के साथ मिल कर खा गए, मैं लड़के की शादी लगाने गया और ये लोग मेरा पैसा निकाल लिए,

मैं पहले सती लाल से 3 लाख उधार लिया था तो अपने जी पी एफ से निकाल कर ब्याज सहित दे दिया हूँ। अब मेरा पैसा चाहिए, न लड़के की शादी कर पाया और न घर बनवा पाया, घर ऐसे ही पड़ा है, नहाने के लिए ईंटों की आड़ लेकर नहाते धोते हैं। 15 हजार पेंशन मिलती है उसी में गुजारा करते हैं हमारे जिंदगी भर की कमाई हड़प लिए मेरे को पैसा चाहिए, तब हम रिपोर्ट कर दिए हैं।

गायत्री तिवारी


इस मामले में नौरोजाबाद थाना प्रभारी प्रशिक्षु डी एस पी गायत्री तिवारी बताईं कि ग्राम देवगवां कला निवासी जगदीश कोल थाने आकर रिपोर्ट किया कि सती लाल, सपन सेन और लल्ला पंडित से कुछ पैसा उधार लिया था और वो ब्याज सहित वापस भी कर चुका था फिर भी उस पर अनावश्यक दबाव बना रहे थे, जब वो 2019 में रिटायर हुआ तो उसके एकाउंट से 16 लाख 70 हजार रुपये अपने एकाउंट में ट्रांसफर करा लिए हैं और उसका पैसा वापस नही कर रहे हैं और अभी भी उस पर दबाव बना रहे हैं, इसी पर अपराध पंजीबद्ध किया गया है और विवेचना में लिया गया है, इसमें धारा 384, 385, 3, 4 कर्जा एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया गया है, अभी गिरफ्तारी नहीं की गई है विवेचना की जा रही है। हालांकि मामला हाई प्रोफाइल होने के कारण मीडिया से छिपाया गया और बाद में शाम को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।


गौरतलब है कि सती लाल अपने आप को आदिवासी समाज का मसीहा कहता है और पूर्व में आदिवासियों के लिए कई रैली, धरना, प्रदर्शन भी कर चुका है साथ ही भाजपा से टिकट न मिलने पर बांधवगढ़ विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय चुनाव भी लड़ चुका है और अब उसका दूसरा चेहरा भी लोगों के सामने आ गया कि आदिवासी का ही पैसा हड़प गया, हालांकि नौरोजाबाद, उमरिया और पाली में देखा जाय तो बहुत से लोग सूदखोरी में लगे हैं, आवश्यकता है उनको भी बेनकाब करने और उन पर भी सख्त कार्रवाई करने की।

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