चरित्र शक के चलते पति ने किया पत्नी की हत्या और खुद भी कर लिया आत्महत्या

क्राइम

सुरेन्द्र त्रिपाठी

उमरिया 29 जून – जिले के इंदवार थाना क्षेत्र में नाले में पति पत्नी का खून से सना चाकू से गोदा हुआ पत्नी का शव और गला कटा हुआ पति का शव मिलने से क्षेत्र में फैली सनसनी। पुलिस जांच में जुटी, वहीं क्षेत्र में डॉक्टर न होने से पोस्टमार्टम करवाने के लिए शवों को 50 किलोमीटर दूर मानपुर भेजा गया।
उमरिया जिले के इंदवार थाना क्षेत्र में इंदवार और भरेवा के बीच नरवा हार नाला के पुल के नीचे 2 शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी मच गई। घटना के बारे में बताया गया कि ये दोनों पति पत्नी थे। पति सुख लाल कोल निवासी इंदवार कटिंग मोहल्ला दमोय का निवासी है, शनिवार को अपनी पत्नी भूरी बाई को ले जाने ससुराल ग्राम डोंगरीटोला आया था, रविवार की सुबह पत्नी को इलाज कराने अस्पताल ले जाने दोनो सायकल से घर से निकले थे, जिसके बाद इन दोनों का रक्तरंजित शव ग्राम इंदवार भरेवा के बीच स्थित नरवा हार नाला के पुल के पास मिला है। पत्नी भूरी बाई का शव चाकू से गोदा गया था और पति के शव का गला कटा हुआ था। वहीं पास ही में लगभग 12 इंच का चाकू भी मिला है। सुखलाल कोल और भूरी बाई का विवाह वर्ष 2014 में हुआ था और दोनो के 3 छोटे – छोटे बच्चे हैं, एक बच्चा तो अभी 8 माह का है। मृतक सुखीलाल कोल की बहन रानू कोल बताई कि शनिवार को इलाज कराने के लिए गया था और कहा कि हम जल्दी आ जाएंगे लेकिन नही आय तब हम लोग तलाश करने लगे कहीं पता नही चला तब रविवार को थाने में रिपोर्ट लिखवाए और फिर ढूंढने लगे तो पुल के नीचे सायकिल खड़ी मिली और वहीं मक्खी लग रही तो आगे जाकर देखे तो वहां दोनो की बॉडी पड़ी थी, फिर पुलिस उठवा कर मानपुर ले गई।
इस मामले में प्रभारी एस पी रेखा सिंह बताईं कि सूचना मिलने पर जिले की पुलिस और हम सभी लोग घटना स्थल पर पंहुचे, फिंगरप्रिंट, डॉग स्क्वायड, डॉक्टर एफ एस एल और सभी को लेकर गए पूरे साक्ष्य संकलित किये, परिजनों और गांव वालों से बात करने पर पता चला कि मृतक सुखलाल कोल अपनी पत्नी भूरी बाई के चरित्र पर शक करता था और मृतक के जेब से एक सुसाइड नोट भी मिला है जिसका भी पता लगाया जा रहा है कि ये सुसाइड नोट उसी के द्वारा लिखा गया है या नही, वहीं प्रथम दृष्टया यही प्रतीत हो रहा है कि अपनी पत्नी के व्यवहार से दुखी था और उसी के कारण पत्नी की हत्या कर खुद भी आत्महत्या कर लिया, फिर भी यह कहना जल्दबाजी होगी और भी कारणों की जांच की जा रही है।
वहीं क्षेत्र के जागरूक नागरिक शिवानंद दुबे का कहना है कि आये दिन क्षेत्र में घटनाएं घटती रहती है और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र इंदवार और अमरपुर में डॉक्टरों की नियुक्ति होने के बाद भी सालों से डॉक्टर न होने से 60 किलोमीटर दूर शव का पोस्टमार्टम कराने जाना पड़ता है साथ ही शव वाहन न होने से पीड़ित गरीब व्यक्ति को निजी वाहन किराए से लेकर जाना होता है ऐसे में कई बार गांव के लोग चंदा करके पैसा देते हैं। इस विषय की मांग करते हुए कहे कि यहां डॉक्टर की नियुक्ति की जाय।
गौरतलब है कि जिले में लगातार बढ़ रहे हत्या जैसे संगीन अपराध चिंता का विषय है।

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