खनिज विभाग की नाक के नीचे अवैध उत्खनन, खनिज अधिकारी मौन

क्राइम

सुरेन्द्र त्रिपाठी

उमरिया 18 जुलाई – जिले में अवैध उत्खनन थमने का नाम नही ले रहा है, जिले के कलेक्टर और खनिज विभाग के उच्च अधिकारियों को बरगलाने का काम करते हैं जिला खनिज अधिकारी, ठेकेदार और खनिज अधिकारी की सांठ गांठ तो अब जिले के बच्चे – बच्चे के जुबान पर है।
उमरिया जिले में आर एस आई स्टोन वर्ड प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने जब से काम चालू किया है तब से खनिज अधिकारी उसी कंपनी के कर्मचारी बतौर हो गए हैं ऐसा लगता है कि इनकी निष्ठा सरकार के प्रति न होकर कंपनी के प्रति ही है। हो भी क्यों न कंपनी हर सुविधा जो मुहैया करवा रही है, अभी कुछ दिन पहले इनको अपने निजी काम से इंदौर जाना था तो कंपनी ने अपनी स्कार्पियो एम एच 35 ए जी 5302 दे दिया था

जिससे ये 4 या 5 जुलाई को इंदौर गए और वहां से 12 या 13 जुलाई वापस भी आये लेकिन कोई फोन करता था तो जबाब मिलता था कि फील्ड में हैं, यदि इसका सबूत चाहिये तो उमरिया से इंदौर के बीच पड़ने वाले टोल बैरियरों में मिल जाएगा, इतना ही नही कंपनी ने इनकी सेवा में एक बोलेरो वाहन भी दिया हुआ है जिसका नंबर एम पी 54 टी 1203 है,

जो लगातार 3 माह से खनिज अधिकारी की सेवा में लगी है वहीं इस गाड़ी में डीजल विभाग की सरकारी गाड़ी एम पी 02 ए व्ही 3268 के नाम पर डलवाया जाता है इसका भी सबूत भवानी पेट्रोल पंप के सी सी टी व्ही में मिल जाएगा वहीं सूत्रों के मुताबिक अगर इस गाड़ी की अनुमति देखी जाय तो विभाग में लगाने की अनुमति नही है, साथ ही सूत्रों की माने तो ठेकेदार की तरफ से कोई विनीत नाम का युवक विभाग की सेवा में लगातार दिन भर रहता है, इसका भी साक्ष्य विभाग के सी सी टी व्ही में मिल जाएगा। अब ऐसे में खनिज अधिकारी की निष्ठा भला कैसे सरकार के प्रति हो सकती है। अब जरा जिले की तरफ नजर करें तो अभी 4 दिन पूर्व जिले के कलेक्टर साहब खुद क्षेत्र के दौरे पर गए तो उनको सलैया में 9 ट्रेक्टर अवैध उत्खनन करते मिल गए जो आर एस आई स्टोन वर्ड के लिए रेत का स्टॉक करते थे, उनको जप्त कर अमरपुर चौकी में खड़ा करवा दिए लेकिन खनिज अधिकारी को कहीं भी अवैध उत्खनन नजर नही आता है,

यदि देखा जाय तो पिपरिया, जमुनिया, विलाइकाप, खैरभार, करकेली से मुंहबोला से लगातार अवैध उत्खनन ठेकेदार द्वारा कराया जा रहा है और एक ट्रिप की टी पी काट कर बाकी ट्रिप बिना टी पी के ढुलवाया जा रहा वह भी यह कह कर कि जिले के सारे अधिकारी मैनेज हैं कोई कुछ नही बोलेगा तुम लोग बेहिचक रेत ले जाओ। प्रदेश के खनिज मंत्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह विभाग में पद ग्रहण करते ही प्रदेश के सभी अधिकारियों को निर्देशित किये हैं कि कहीं भी अवैध उत्खनन न होने पाए, एन जी टी के निर्देशों का सख्ती से पालन करवाया जाए और सभी भण्डारणो का वेरिफिकेशन किया जाय, इस आदेश का सख्ती से पालन किया जाय। मंत्री जी के आदेश के पालन में प्रदेश के पूरे जिले हरकत में आ गए लेकिन उमरिया जिले में उनके आदेशों को भी ताक पर रख दिया गया है, वहीं देखा जाय तो पाली जनपद के बेली, ओदरी, ममान, बकेली, घुनघुटी, चौरी, जमडी, से अवैध रेत का उत्खनन और परिवहन जोरों पर चल रहा है।

अब जरा विभाग के भीतर की झांक कर देखें तो सूत्रों से पता चला कि कोई निजी कम्प्यूटर आपरेटर ही पूरे विभाग की जानकारी अपने पास रखता है और किसी भी खदान का पोर्टल कभी भी रात में बंद कर देता है और अधिकारी से मध्यस्थता कर दिन में चालू कर देता है, वहीं यदि देखा जाय तो विभाग में पदस्थ सहायक मानचित्रकार उषा नागपुरे जिनके पास इस समय सर्वेयर और बाबू का भी प्रभार है, उनको भी विभाग के हर मामलों की जानकारी नही दी जाती है, सभी फाइलों और हर चीज की जानकारी पर कब्जा मात्र निजी कम्प्यूटर ऑपरेटर का ही रहता है,

इतना ही जानकारी के अनुसार नोट शीट भी वही लिखता है अधिकारी मात्र हस्ताक्षर करते हैं, इसका भी सबूत फाइलों में लिखी हैंड रायटिंग से मिल सकता है। अब जहां जिले के खनिज अधिकारी को इतनी सुविधाएं मिल रही हैं वहां भला खनिज अधिकारी कैसे सरकार के प्रति निष्ठावान हो सकते हैं भले ही वो नौकरी में आते समय सरकार के प्रति निष्ठावान होने की शपथ लिए हों।

इन्ही की शह पर जिले में आर एस आई स्टोन वर्ड प्राइवेट लिमिटेड द्वारा खुले आम नदियों से उत्खनन करवा कर 1500 रुपये प्रति ट्रेक्टर ट्राली लेकर बिना टी पी रेत का अवैध परिवहन करवाया जा रहा है। इस मामले में जब फोन पर माइनिंग डायरेक्टर विनीत कुमार ऑस्टिन से बात किया गया तो वो बोले कि आप खनिज अधिकारी से बात किये हैं क्या तो उनको बताया गया कि खनिज अधिकारी ठेकेदार के पिट्ठू हो गए हैं तब उनके द्वारा कहा गया कि मैं देखता हूँ।
अब देखना है कि माइनिंग डायरेक्टर क्या करते हैं या वो भी बस देखते हैं।

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