इस IPS ने खोज निकाला रेप केस में छुपे आरोपी को सऊदी अरब की धरती से..

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हमारा देश आज के समय में लड़कियों के लिए किसी भी तरह से सुरक्षित नही माना गया है। क्योकि आये दिन होने वाले बालात्कार से बच्ची से लेकर महिलाएं तक पीड़ित है। और कानून की नजरों से बैखोफ दरिंदे हर दिन नई तलाश की खोज करते अपनी दरिंदगी को पार करते जा रहे है। कानून भले ही सो चुका हो पर इस IPS ऑफिसर नें दिखा दिया कि वह ऐसे दरिदें को अब और अधिक पनपने नही देगी। उसे उसकी सजा दिलाकर ही रहेगी।

केरल की IPS ऑफिसर मेरिन जोसेफ ने एक ऐसे केस को सुलझाया है जिसमें बच्ची से साथ हुए बलात्कार को पुलिस- भारतीय एजेंसियां छोटा केस मानकर खत्म करने की कोशिश की थी। लेकिन उन्होंने खुद इस केस को हैंडल करने का फैसला लिया। आज नतीजा ये कि 2 साल पहले दोस्त की भांजी के साथ बलात्कार करके भागे आरोपी को इस IPS ने सऊदी अरब से पकड़ लिया है. और जानें, क्या है पूरा मामला…

ये घटना केरल की कोल्लम की है, जब मेरिन जोसेफ यहां की पुलिस कमिश्नर बनकर आई थी। उस दौरान उन्होनें उन्होंने बच्चों के साथ होने वाले अपराध की सारी फाइलें मंगवाई। इसी फाइल के जांच के दौरान उन्हें एक ऐसा केस दिखा जिसका आरोपी अभी भी फरार था।

इस केस को पढ़ने के बाद उन्हें पता चला कि कोल्लम की एक 13 साल की बच्ची के साथ 2017 में सुनील कुमार भद्रन नामक व्यक्ति ने बलात्कार किया है। आरोपी ने जिस बच्ची के साथ ऐसा दरिंदगी कि बच्ची के मामा का दोस्त था।

बच्ची ने जब इस घटना की जानकारी अपने परिवार को दी तब परिवार ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया। लेकिन बच्ची इस सदमें को बर्दाश्त ना कर पाई और उसने आत्महत्या कर ली। वहीं दूसरी ओर बच्ची द्वारा आत्महत्या करने के बाद पुलिस पूरी जानकारी इकट्ठी करती बच्ची के मामा ने भी आत्महत्या कर ली। वहीं आरोपी को पुलिस  2 साल तक ढूंढनें में नाकाम रही।

अब आरोपी को फरार हुए 2 साल बीत गए। पुलिस नें भी फाइल को बंद करने के लिये इ केस को  छोटा केस बताकर खत्म कर दिया। जैसे ही इस बात की जानकारी IPS मेरिन जोसेफ को लगी उन्होंने खुद मोर्चा संभाल लिया और फिर से इंटरपोल अरब, इंडियन एम्बेसी, इंटरनेशनल इन्वेस्टीगेशन सेल जैसे एजेंसियों से संपर्क किया। बच्ची के आरोपी को पकड़ने के लिए उन्होंने दिन रात एक कर दिए। आखिरकार आरोपी का पता सऊदी अरब में लग गया जहां पर पहुंचकर आरोपी को पकड़कर ही दम लिया। और उसे बीते रविवार भारत में घसीट कर ले आई।

आपको बता दें, अरब के साथ 2010 में हुई प्रत्यर्पण समझौते ने उनकी मदद की। आईपीएस मेरिन ने देश को बता दिया एक बच्ची के साथ दुष्कर्म कोई छोटा केस नहीं होता और न ही“बच्चियों के साथ हुए दुष्कर्म/ बलात्कार का ऐसा कोई पैमाना है जो तय कर सके कि ये केस छोटा है या बड़ा।“

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