विश्व हिंदू परिषद् बजरंग दल ने गौवंश की तस्करी के विरोध मे पुलिस अधीक्षक को मिलकर दिया ज्ञापन

क्राइम

सुरेन्द्र त्रिपाठी

उमरिया 28 सितम्बर – एक शांतिप्रिय साफ सुथरी छवि का जिला है उमरिया, किन्तु कुछ समय से इसमें गौवंश के तस्करों के द्वारा भारी कोहराम मचा के रखा है।
हमारा जिला उमरिया कुछ समय से गौवंश की तस्करी का दंश झेल रहा है।
विश्व हिंदू परिषद् बजरंग दल एवं अन्य संगठन के पिछले कई वर्षों कड़ी मेहनत के बाद ट्रकों के माध्यम से होने तस्करी को रोका गया, किन्तु कुछ समय से तस्करों द्वारा नया रास्ता तैयार कर लिया गया है। जिसमें अब किसी वाहन आदि का उपयोग न करते हुये, गिरोह के सदस्य मजदूरों के माध्यम से पैदल गांव व जंगल के रास्ते का उपयोग करते हैं। सूनसान मार्गों का लाभ उठा रहे हैं।
इस गिरोह में पुरूषों के साथ महिलाओं को भी साथ में रखा जाता है।यदि किसी कार्यकर्ता द्वारा रोकने या पूँछताँछ करने का प्रयास किया तो इन महिलाओं द्वारा उल्टे सीधे प्रकरण में उलझा दिया जाता है। ऐसा ही प्रकरण बीते दिनों थाना चँदिया मै घटित हो चुका है। एक कार्यकर्ता द्वारा जानकारी माँगे जाने पर महिलाओं ने व गिरोह के सदस्यों ने कई घृणित आरोप लगाये एवं मौके पर पहुँची पुलिस भी उनके बहकावे में आ गई और संगठन के कार्यकर्ता के साथ दुर्व्यवहार किया गया व बेवजह कई घंटे तक थाना में बैठाया गया।
ये सभी गौतस्कर अपने को जिला पन्ना के निवासी व अपने को पशु व्यापारी बतलाते हैं। इस तरह आसानी से निकल जाते हैं।
संगठन के कार्यकर्ताओं के द्वारा विगत कई महीनों से इनकी गतिविधियों पर गोपनीय नजर बनी हुई है।
निःसंदेह ये सभी व्यापारी नहीं व व्यापार की आड़ में गौवंश तस्करी करते हैं।
इसमे कुछ तस्करी करने वाले घुनघुटी क्षेत्र के हैं आस पास के क्षेत्रों के पशुओं को एकत्र कर पाली मंठार जंगल के रास्ते से होते हुये एवं बरही खितौली से चँदिया थाना क्षेत्र से गाँव व वन मार्ग से मंडला होते हुये महाराष्ट्र तक पहुंचाने का काम होता है। जहां पर अनगिनत बूचड़खाना पालित हैं।
ऐसा दुर्दांत कृत्य हिन्दू समाज के लिए व जन मानस के लिए बहुत ही कष्टदायक है। मानसिक वेदना के साथ साथ धार्मिक आस्था को चोट पहुँचती है। जिला के घटना
सम्बन्धित पुलिस थानों में कई बार निवेदन किया गया किन्तु कोई सार्थक परिणाम नहीं प्राप्त हुये। बल्कि और बढ़ोतरी के हुई है। क्योंकि इनके ऊपर कुछ नेता जनों का आशीर्वाद प्राप्त रहता है,पकडे़ जाने पर तुरंत फोन पर शिफारिश आती है। इसके साथ- साथ साम, दाम दण्ड भेद दिखाया जाता है। ऐसी कुछ बातें बृहद रूप में सामने आ रही है। यदि पुलिस प्रशासन द्वारा वास्तविक रूप जाँच की जाये तो निश्चित रूप से अनगिनत सफेद कुर्ता दागदार हो जायेंगे।
पुलिस अधीक्षक जी से मिलकर मांग की गई है कि इससे अविलम्ब ही सम्बंधित थाना व जिम्मेदार लोगों को निर्देशित कर इस मामले में सख्ती से निपटने की व्यवस्था करें, क्योंकि मूकप्राणी अकाल, अकारण,असमय काल के गाल में समा रहे हैं, उन्हें भी जीने का पूरा अधिकार है।
इस विषय पर माँग की गई कि शीघ्रता से जिला उमरिया में गौवंश की तस्करी पर पूर्णतः विराम लगाया जाए। एवं इस कार्य में शामिल तथाकथित स्वयं भू सफेदपोश नेताओं पर भी कड़ी कार्यवाही की जाए।

वहीं अगर देखा जाय तो इन दिनों पुलिस व्यवस्था एकदम लचर हो गई है, सूचना देने के बाद भी पुलिस कोई कार्रवाई करना मुनासिब नहीं समझती है, उल्टे कुछ दूसरा बहाना बता दिया जाता है, बिना जांच के ही सारे निष्कर्ष भी निकल आते हैं, यदि यही हाल रहा तो जिस तरह लगातार जिले में चोरियां हो रही हैं, गौवंश की तस्करी हो रही है, देह व्यापार हो रहा है, उसी तरह अन्य अपराध भी बढ़ने में देर नही लगेगा, यदि देखा जाय तो चंदिया थाना क्षेत्र में निरीह युवक की गोली मार कर हुई हत्या का सुराग पुलिस को नही लगा, इंदवार थाना क्षेत्र में युवक की लाश मिलने का मामला नही सुलझा है,और भी ऐसे कई मामले हैंं जिन पर कोई कार्रवाई नही हुई, जिले में जुआ, सट्टा भी हो रहा है लेकिन कार्रवाई शिफर ही है, ऐसे में जिले का क्या होगा।

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